15 March 2019

आतंक के खिलाफ भारत की कूटनीतिक जीत, मसूद अजहर की संपत्तियां जब्त करेगी फ्रांस सरकार

भले ही मसूद अजहर पर भारत की राह में चीन लगातार रोड़े अटका रहा है, लेकिन फ्रांस से अच्‍छी खबर आ रही है। जीहाँ, जानकारी की माने तो संयुक्त राष्ट्र में जैश सरगना मसूद अजहर पर बैन लगाने के प्रस्ताव पर चीन द्वारा वीटो करने के बाद फ्रांस ने इस आतंकवादी संगठन पर अब खुद से ऐक्शन लेने का फैसला कर लिया है। जैश के खिलाफ फ्रांस की अबतक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मसूद के पक्ष में चीन का वीटो का अमेरिका समेत कई देशों ने आलोचना की थी। इसे भारत की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। 

फ्रांस सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आतंकी मसूद अजहर के संगठन जैश की फ्रेंच संपत्तियों को फ्रीज करेंगे।

 

इससे फ्रांस ने साफ कर दिया है कि वो अपने देश में जैश को पाई पाई के लिए मोहताज कर देगा। एक दिन पहले चीन के वीटो ने मसूद को ग्लोबल आतंकी होने से तो बचा लिया, लेकिन देशों ने उसी वक्त साफ कर दिया था कि मसूद के खिलाफ रास्ते और भी हैं।

फ्रांसीसी आंतरिक मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि फ्रांस मसूद अजहर को यूरोपीय संघ की सूची में शामिल करने पर चर्चा करेगा, जिसमें उन लोगों को शामिल किया जाता है जो आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं।

फ्रांस ने मौद्रिक और वित्तीय संहिता के तहत राष्ट्रीय स्तर पर मसूद अजहर की संपत्ति का फ्रीज करने की मंजूरी दी है।

पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद फ्रांस के नेतृत्व में ब्रिटेन और अमेरिका ने मसूद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश किया था। उल्लेखनीय है कि भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद का ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहा है कि जैश पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगाया है, लेकिन उससे संस्थापक को बैन नहीं किया जा रहा। अजहर पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के बहावलपुर में कौसर कालोनी में रहता है। जनवरी 2016 में पंजाब के पठानकोट में भारतीय वायु सेना के बेस पर जैश के हमले के बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र की ओर से अजहर पर प्रतिबंध लगाने को लेकर अपनी कोशिशें तेज कर दी थीं। इसमें भारत को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस का भी समर्थन मिला था, लेकिन चीन ने इसका विरोध किया था। 



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