15 April 2019

चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, योगी को 72 घंटे और मायावती को 48 घंटे प्रचार से रोका

चुनाव आयोग ने आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे नेताओं पर कड़ा एक्शन लेते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की चुनावी प्रचार करने पर 72 और 48 घंटों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह बैन मंगलवार सुबह छह बजे से शुरू होगा। इस दौरान योगी आदित्यनाथ और मायावती ना ही कोई रैली को संबोधित कर पाएंगे, ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पाएंगे और ना ही किसी को इंटरव्यू दे पाएंगे। चुनाव आयोग का एक्शन मंगलवार सुबह छह बजे शुरू होगा।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान बसपा प्रमुख मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित रूप से विद्वेष फैलाने वाले भाषणों (हेट स्पीच) का सोमवार को संज्ञान लिया और निर्वाचन आयोग से जानना चाहा कि उसने इनके खिलाफ अभी तक क्या कार्रवाई की है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने चुनाव प्रचार के दौरान जाति एवं धर्म को आधार बना कर विद्वेष फैलाने वाले वाले भाषणों निबटने के लिये आयोग के पास सीमित अधिकार होने के कथन से सहमति जताते हुये निर्वाचन आयोग के एक प्रतिनिधि को मंगलवार को तलब किया है। पीठ ने निर्वाचन आयोग के इस कथन का उल्लेख किया कि वह जाति और धर्म के आधार पर विद्वेष फैलाने वाले भाषण के लिये नोटिस जारी कर सकता है, इसके बाद परामर्श दे सकता है ओर अंतत: ऐसे नेता के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में शिकायत दर्ज करा सकता है।

पीठ ने कहा, '' चुनाव आयोग ने कहा कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पहले नोटिस जारी करेंगे, फिर परामर्श जारी होगा और फिर शिकायत दर्ज की जाएगी। पीठ ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान इास तरह के विद्वेष फैलाने वाले भाषणों से निबटने के आयोग के अधिकार से संबंधित पहलू पर वह गोर करेगा। 

दरअसल चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ को नोटिस भेजकर उनसे उनके अली और बजरंगबली वाले बयान पर जवाब मांगा था। योगी आदित्यनाथ ने जवाब में कहा था कि वो आगे से इस तरह का बयान नहीं देंगे।

योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सपा-बसपा और कांग्रेस को अली पर भरोसा होगा लेकिन हमें बजरंगबली पर भरोसा है। वहीं दूसरी तरफ मायावती ने देवबंद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था अगर भाजपा को हराना है तो मुस्लिम बिरादरी के सभी लोग अपना वोट बांटने के बजाय महागठबंधन को एकतरफा वोट दें। चुनाव आयोग ने मायावती से उनके बयान पर सफाई मांगी थी जिसके जवाब में उन्होंने लिखा था कि रैली में उन्होंने बहुजन समाज को संदेश दिया था और मुस्लिम भी उसी का हिस्सा है।

दोनों तरफ से जवाब दाखिल होने के बाद चुनाव आयोग ने दोनों को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना और सोमवार को दोनों नेताओं पर कार्रवाई करते हुए योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे और मायावती पर 48 घंटों तक किसी भी तरह की चुनावी मुहीम पर रोक लगा दी है। 



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