14 April 2019

नो बॉल विवाद पर सहवाग बोले- धोनी पर जुर्माना काफी नहीं, लगना चाहिए था 2-3 मैचों का बैन

चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बुधवार को जयपुर में खेले गए मुकाबले के दौरान अंपायर के फैसले को चुनौती देने डगआउट से निकलकर मैदान पर आ गए थे। इसके बाद मैच रेफरी ने उन्हें दोषी मानते हुए मैच फीस के पचास प्रतिशत का जुर्माना लगाया। ऐसे में धोनी को दी गई सजा को लेकर बहस चल रही है।  ऐसे मे भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना ​​है कि महेंद्र सिंह धौनी को अंपायर उल्हास गंधे से मैदान पर बहस करने के मामले में आसानी से छोड़ दिया गया जबकि उन पर 'दो से तीन मैचों का प्रतिबंध लगाकर उदाहरण पेश किया जाना चाहिए था। 

बता दे, धोनी राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के दौरान अंपायर के फैसले को चुनौती देने डगआउट से निकलकर मैदान पर आ गए। मैच के दौरान मैदानी अंपायर से बहस करने के बावजूद प्रतिबंध से बच गए लेकिन उन्हें मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना देना पड़ा। 

धोनी की इस हरकत लभगभ सभी ने आलोचना कि लेकिन सहवाग पहले ऐसे पूर्व भारतीय खिलाड़ी है जिन्होंने उनकी निलंबन की मांग की। 

सहवाग ने 'क्रिकबज वेबसाइट से कहा, ''मुझे लगता है धोनी को आसानी से छोड़ दिया गया और उन्हें 2 से 3 मैचों के लिए प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था। क्योंकि अगर उन्होंने आज ऐसा किया है तो कोई दूसरा क्रिकेटर कल ऐसा कर सकता है। ऐसे में अंपायर का क्या महत्व रह जाएगा। सहवाग ने कहा, '' मुझे लगता है कि उन्हें आईपीएल के कुछ मैचों से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था जिससे उदाहरण पेश हो सके। मैदान में उतरने की जगह उन्हें बाहर रह कर चौथे अंपायर के वाकी टाकी से बात करनी चाहिए थी।

बता दे, बुधवार को जयपुर में खेले गए मुकाबले के आखिरी ओवर में बेन स्टोक्स द्वारा फेंकी गई फुलटॉस को अंपायर ने पहले नो बॉल दिया था, लेकिन बाद में लेग अंपयार के कारण यह फैसला बदल दिया गया था। इस पर मैदान पर मौजूद चेन्नई के मिशेल सैंटनर और रवींद्र जडेजा अंपायर के फैसले से नाखुश दिखे थे और उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी। इसी बीच धोनी मैदान पर आकर अंपायरों से बहस करने लगे थे। इसके बाद मैच रेफरी ने उन्हें दोषी मानते हुए मैच फीस के पचास प्रतिशत का जुर्माना लगाया। 



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